Uttarakhand Cabinet: धामी कैबिनेट बैठक में आज 6 बड़े फैसले , पढ़िए
देहरादून। Dhami Cabinet Meeting Decision: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक संपन्न हो गई। बैठक के बाद सचिव शैलेश बगोली ने प्रेस ब्रीफिंग कर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
बैठक में श्रम विभाग का पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट वापस लिया गया। ईएसआई डॉक्टरों की भर्ती के लिए नियमावली संशोधित होगी और 94 पद भरे जाएंगे। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में 22 नए पदों को मंजूरी मिली। कारागार एक्ट में आदतन अपराधी की परिभाषा संशोधित की गई। वन विभाग के 579 दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन मिलेगा, और मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना जारी रहेगी।
कैबिनेट में कुल छह अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
बोनस एक्ट 1965 फिर से लागू
श्रम विभाग के अंतर्गत पेमेंट ऑफ बोनस बिल को वापस लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कोविड-19 काल में बोनस व्यवस्था में संशोधन किया गया था, लेकिन अब पुनः 1965 के बोनस एक्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत कर्मचारियों को पूर्व व्यवस्था के अनुसार बोनस दिया जाएगा।
ESI डॉक्टरों के लिए 94 नए पद सृजित
उत्तराखंड ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) 2006 की नियमावली में संशोधन करते हुए 94 नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। इसमें 11 ग्रेड-ए पद, 6 सीनियर मेडिकल ऑफिसर, 1 असिस्टेंट डायरेक्टर सहित अन्य पद शामिल हैं। इन पदों पर चयन मेडिकल सिलेक्शन बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा।
नारकोटिक ड्रग्स एक्ट के तहत 22 पदों को मंजूरी
गृह विभाग में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज एक्ट 1985 के तहत 22 नए पद सृजित करने पर सहमति बनी है। इस इकाई का गठन वर्ष 2022 में किया गया था, जिसे अब और सशक्त किया जाएगा।
हैबिटुअल ऑफेंडर पर सख्ती
उत्तराखंड कारागार नियमावली 2024 के तहत बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों को केंद्रीय हैबिटुअल ऑफेंडर नियमों के अनुरूप ही माना जाएगा। इससे आदतन अपराधियों पर निगरानी और सख्ती बढ़ेगी।
दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन 18 हजार
राज्य में वन विभाग में कुल 893 दैनिक श्रमिक कार्यरत हैं। इनमें से 304 श्रमिकों को न्यूनतम वेतन मिल रहा था, जबकि 589 श्रमिक इससे वंचित थे। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि अब सभी पात्र श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान 18,000 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना जारी रहेगी
जब तक केंद्र सरकार की PMFE योजना संचालित रहेगी, राज्य में समानांतर रूप से CMFE योजना भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट के इन फैसलों को कर्मचारियों, श्रमिकों और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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