बनबसा अग्निवीर भर्ती रैली: चौथे दिन 700 से अधिक युवाओं ने दिखाया दमखम
Champawat News- चम्पावत के बनबसा मिलिट्री स्टेशन में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली के चौथे दिन सोमवार को चम्पावत जनपद की विभिन्न तहसीलों से आए लगभग 700 से अधिक युवाओं ने जनरल ड्यूटी, ट्रेडमैन एवं तकनीकी पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान युवाओं में देश सेवा का जोश और अनुशासन स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
यह संपूर्ण भर्ती आयोजन मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के अधीन पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के साथ संपन्न हो रहा है।
अग्निवीर श्रेणी की भर्ती में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को रैली स्थल पर अपने समस्त आवश्यक मूल अभिलेख अनिवार्य रूप से साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट अंकपत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), एनसीसी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), संबंध प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), राज्य/राष्ट्रीय खेल प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), अविवाहित प्रमाण पत्र तथा चरित्र प्रमाण पत्र शामिल हैं। सभी शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सामूहिक संदेश के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश पूर्व में ही प्रेषित किए जा चुके हैं।
भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु प्रशासन एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गई हैं।
बनबसा में अग्निवीर भर्ती रैली: तकनीक, पारदर्शिता और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम: मेजर जनरल मनीष कुमार
टनकपुर-बनबसा स्थित सैन्य परिसर में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली ने देवभूमि के युवाओं के अदम्य साहस और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण को एक नया आयाम दिया है। भर्ती रैली के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यालय रिक्रूटिंग ज़ोन लखनऊ (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के अपर महानिदेशक मेजर जनरल मनीष कुमार, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल बार ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना का लक्ष्य केवल योग्यतम और सर्वश्रेष्ठ युवाओं का चयन करना है। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को अत्याधुनिक तकनीक और सख्त पारदर्शिता मानकों के साथ संचालित किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
सेना द्वारा भर्ती स्थल पर सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी, डिजिटल टाइमिंग सिस्टम, बायोमेट्रिक सत्यापन और आरएफआईडी (RFID) जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। मेजर जनरल ने बताया कि सेना में चयन की यह प्रणाली पूरी तरह तकनीक-आधारित है, जहाँ दौड़ से लेकर शारीरिक दक्षता तक का सटीक रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से रखा जा रहा है। उन्होंने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शिता को जन-जन तक पहुँचाने में उनका सहयोग सराहनीय है।
अग्निवीर योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 17 से 22 वर्ष का युवा जब ‘कंट्री फर्स्ट’ की भावना के साथ सेना में आता है, तो उसे हथियार संचालन, सैन्य अनुशासन, तकनीकी कौशल और नेतृत्व जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में दक्ष किया जाता है। सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद ये युवा न केवल अनुशासित नागरिक बनेंगे, बल्कि उन्हें प्राप्त स्किल सर्टिफिकेट उनके भविष्य के रोजगार के अवसरों को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ सेना के उत्कृष्ट समन्वय की प्रशंसा की, जिसके फलस्वरूप आवास, चिकित्सा और सुरक्षा की सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। अंत में, उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे दलालों और अफवाहों से सावधान रहें और केवल भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही पंजीकरण कर इस गौरवशाली यात्रा का हिस्सा बनें।
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