चंपावत: टनकपुर को मिनी विकास भवन की सौगात , 533.79 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत
मुख्यमंत्री धामी की जनसेवा को प्राथमिकता—टनकपुर में शीघ्र स्थापित होगा नया मिनी विकास भवन
Champawat News- आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करते हुए तथा टनकपुर क्षेत्र की वर्षों पुरानी जनभावनाओं को सम्मान देते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद चम्पावत की पूर्णागिरि तहसील, टनकपुर में मिनी विकास भवन/राजस्व भवन (बार भवन) के निर्माण कार्य को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
प्रस्तावित राजस्व भवन के निर्माण हेतु कार्यदायी संस्था निर्माण इकाई, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, लोहाघाट द्वारा प्रस्तुत आगणन का टी०ए०सी० एवं नियोजन विभाग द्वारा सम्यक परीक्षणोपरान्त औचित्यपूर्ण पाए जाने पर ₹533.79 लाख (रुपये पाँच करोड़ तैंतीस लाख उन्यासी हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹213.51 लाख (रुपये दो करोड़ तेरह लाख इक्यावन हजार मात्र) की धनराशि निर्माण कार्य प्रारम्भ किए जाने हेतु निर्गत की गई है।
टनकपुर में मिनी विकास भवन की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएँ उनके निकट उपलब्ध कराना है, जिससे आमजन को सामान्य कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक बार-बार न जाना पड़े। टनकपुर जनपद चम्पावत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक, धार्मिक, परिवहन एवं सीमा-संबंधी केंद्र है; ऐसे में इस भवन की स्थापना से प्रशासनिक पहुँच और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही पूर्णागिरि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, सीमांत क्षेत्रों के ग्रामीणों तथा व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को त्वरित एवं सुगम सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
यह भवन आदर्श चम्पावत मॉडल के अंतर्गत एकीकृत प्रशासनिक सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित तीन मंजिला भवन में राजस्व, विकास, सामाजिक कल्याण, जन-शिकायत निस्तारण सहित विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त भवन में जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी कार्यालय, बैठक कक्ष, एटीएम तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
इससे आमजन का समय, धन एवं श्रम बचेगा तथा शासन-प्रशासन के साथ उनकी सहभागिता और अधिक सुदृढ़ होगी।
भवन के प्रथम तल पर राजस्व से संबंधित कार्यों के साथ-साथ एटीएम एवं जन-सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शारदा कॉरिडोर परियोजना—जो पर्यटन, धार्मिक आवागमन, स्थानीय व्यापार एवं सीमांत विकास को नई गति प्रदान करेगी—के प्रभावी संचालन, समन्वय एवं निगरानी में भी यह मिनी विकास भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मिनी विकास भवन की स्थापना से टनकपुर एवं पूर्णागिरि क्षेत्र को एक नई प्रशासनिक पहचान प्राप्त होगी, विकास कार्यों में गति आएगी, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे तथा नागरिकों को सुगम, समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएँ उपलब्ध होंगें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह निर्णय सीमांत क्षेत्र तक मजबूत, संवेदनशील एवं आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था पहुँचाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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