SHE for STEM’ कार्यक्रम से बेटियाँ सशक्त होंगी, विज्ञान-तकनीक से आगे बढ़ेगा उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी
चम्पावत में विज्ञान रेडियो, महिला प्रौद्योगिकी व आपदा प्रबंधन केंद्र की स्थापना, 50 छात्राओं को छात्रवृत्ति
चम्पावत, 31 मार्च 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोरलचौड़ सभागार में आयोजित ‘SHE for STEM’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 50 मेधावी छात्राओं को प्रति छात्रा ₹10,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की और विभिन्न छात्र-छात्राओं को STEM लैपटॉप वितरित कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और नवाचार के वर्तमान युग में प्रदेश की हर बेटी को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि विज्ञान केवल विषय नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान और प्रगति का सशक्त माध्यम है। जब बेटियाँ विज्ञान में नेतृत्व करेंगी, तभी उत्तराखंड सशक्त और समृद्ध बनेगा।

उन्होंने राज्य में नवाचार और महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। इसके तहत बालिकाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास हो रहा है और निर्माणाधीन साइंस सेंटर भविष्य में विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र साबित होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि विज्ञान शिक्षा से छात्राओं में तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता बढ़ती है।
कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों ने विज्ञान एवं तकनीकी प्रशिक्षण से हुए सकारात्मक बदलाव साझा किए। ग्राम कांडा की श्रीमती दिया ने फूड प्रोसेसिंग में अनुभव बताए, ग्राम भिंगराड़ा की ग्राम प्रधान श्रीमती गीता भट्ट ने पिरूल ब्रिकेटिंग यूनिट से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के सफल प्रयास साझा किए। श्रीमती कमला पांगती ने जूट बैग निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, कैंडी निर्माण और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से लाभ बताये।
मुख्यमंत्री ने “IGNITE: A Journey Through Experiments” और “The Land of Echoing Legends Champawat” पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं:
चम्पावत में ‘विज्ञान रेडियो’ की स्थापना
जनपद को आदर्श और ‘रेजिलिएंट’ जनपद के रूप में विकसित करना
महिला प्रौद्योगिकी केंद्र के लिए स्थान उपलब्ध कराना
‘आपदा प्रबंधन केंद्र’ की स्थापना हेतु केंद्र सरकार से अनुरोध
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। महिला उद्यमियों को हस्तशिल्प, ऐपण कला, मंडुवा उत्पाद, सैनेटरी पैड निर्माण, औषधीय मशरूम उत्पादन एवं सुगंधित पौधों की खेती में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश की विज्ञान-तकनीकी उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन, चंद्रयान-3 और आदित्य L1 जैसी सफलताएँ इसके प्रमाण हैं। उन्होंने ‘विज्ञान ज्योति कार्यक्रम’ और ‘प्रगति छात्रवृत्ति योजना’ के माध्यम से छात्राओं को STEM क्षेत्र में प्रोत्साहित करने और महिला वैज्ञानिक फेलोशिप प्रदान करने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति के तहत AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और प्री-इनक्यूबेशन लैब जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी और आधुनिक तकनीक बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं और सीमांत क्षेत्र का प्रत्येक बच्चा देश के उज्ज्वल भविष्य का वैज्ञानिक बन सकता है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, राज्य मंत्री श्याम नारायण पाण्डे, यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, विज्ञानशाला इंटरनेशनल संस्थापक डॉ. दर्शना जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अधिकारी, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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