Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि कल से शुरू, प्रतिपदा से दशमी तक का पूरा शेड्यूल देखें
कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त के साथ 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की होगी पूजा, जानें व्रत पारण का समय
नैनीताल। चैत्र नवरात्रि 2026 का शुभारंभ 19 मार्च, गुरुवार से हो रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित महेश चंद्र शास्त्री के अनुसार, पंचांग की गणना के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होगी, जबकि इसका समापन दशमी तिथि पर किया जाएगा।
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इन दिनों श्रद्धा से पूजा करने पर सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:35 बजे शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:53 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर 19 मार्च को ही नवरात्रि का आरंभ माना जाएगा। इसी दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाएगी।
नवरात्रि 2026: दिनवार तिथियां
19 मार्च (गुरुवार) – प्रथम नवरात्र
20 मार्च (शुक्रवार) – द्वितीय नवरात्र
21 मार्च (शनिवार) – तृतीय नवरात्र
22 मार्च (रविवार) – चतुर्थ नवरात्र
23 मार्च (सोमवार) – पंचम नवरात्र
24 मार्च (मंगलवार) – षष्ठ नवरात्र
25 मार्च (बुधवार) – सप्तम नवरात्र
26 मार्च (गुरुवार) – अष्टमी नवरात्र
27 मार्च (शुक्रवार) – नवमी नवरात्र
28 मार्च (शनिवार) – दशमी (पारण)
इन नौ रूपों की होगी पूजा
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—की पूजा की जाती है।
इसी के साथ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत मानी जाती है, जबकि राम नवमी के साथ नवरात्रि का समापन होता है।
व्रत पारण का समय
नवरात्रि व्रत का पारण नवमी या दशमी तिथि को किया जाता है। इस वर्ष 28 मार्च 2026 को व्रत पारण किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 8:46 बजे तक रहेगा। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, इसलिए दशमी तिथि में ही पारण करना उचित रहेगा।
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