नैनीताल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: लव मैरिज मामले में युवक की गिरफ्तारी पर रोक
कोर्ट ने जांच में सहयोग के दिए निर्देश, अगली सुनवाई 6 अप्रैल को
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लव मैरिज से जुड़े एक अहम मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी युवक की गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान युवक को जांच में सहयोग करने के निर्देश भी दिए हैं।
याचिकाकर्ता युवक ने कोर्ट में दायर याचिका में बताया कि वह और उसकी प्रेमिका एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और दोनों ने आपसी सहमति से 1 मार्च 2026 को हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित शिव मंदिर में विवाह किया था। युवक का कहना है कि विवाह के समय दोनों बालिग थे।
वहीं, युवती के पिता ने थाना रानीपुर में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनकी बेटी नाबालिग थी और उसे बहला-फुसलाकर शादी की गई। इस पर युवक ने कोर्ट में जन्म प्रमाण पत्र सहित दस्तावेज पेश किए, जिनमें युवती की जन्म तिथि 4 फरवरी 2008 और युवक की 20 अक्टूबर 1995 बताई गई है।
मामले में युवती की ओर से भी कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया गया, जिसमें उसने खुद को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक युवक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और युवती के पिता को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
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