किसान आत्महत्या प्रकरण में बड़ी कार्रवाई: तीन पुलिस अधिकारी सस्पेंड, चौकी लाइन हाजिर , 26 लोगों पर मुकदमा
Udham Singh Nagar News- काशीपुर के सुखवंत आत्महत्या मामले में एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला और दरोगा प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मामले में पुलिस ने घोर लापरवाही और उदासीनता बरती। वहीं मामले में 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
प्रकरण में पैगा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार, एएसआई सोमवीर सिंह, सिपाही दिनेश तिवारी, भूपेंद्र सिंह, शेखर बनकोटी, सुरेश चंद्र, योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरी, दीपक प्रसाद, संजय कुमार को लाइन हाजिर किया।
बता दें कि बीते रविवार को किसान सुखवंत सिंह ने गौलापार के एक होटल में तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले वीडियो वायरल कर भूमाफिया पर रकम हड़पने का आरोप लगाया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं, जबकि उत्तराखंड के एडीजी (कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने कुमाऊं रेंज के आईजी रिद्धिम अग्रवाल को गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
आत्महत्या प्रकरण में 26 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा
रुद्रपुर। मृतक किसान सुखवंत सिंह के भाई ने कई प्रॉपर्टी डीलरों, जमीन विक्रेताओं व अन्य लोगों पर धोखाधड़ी, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप लगाया है। आज पुलिस ने 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है जिसके बाद पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी हैं।
जानकारी के अनुसार पीड़ित परविन्दर सिंह पुत्र तेजा सिंह, निवासी ग्राम पैगा मंदिर फार्म, कोतवाली ऊधमसिंहनगर ने थाना आईटीआई में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने और उसके भाई सुखवंत सिंह ने बलवंत सिंह उर्फ काला व कुलवंत सिंह से बक्सौरा-कुंडा क्षेत्र की लगभग 7 एकड़ भूमि खरीदी थी। आरोप है कि बाद में विक्रेताओं ने बताया कि उक्त भूमि पहले ही काशीपुर स्थित प्रॉपर्टी डीलर अमरजीत सिंह, आशीष चौहान उर्फ पटवारी और कुलविंदर सिंह को बेची जा चुकी है और सौदा उन्हीं से करने को कहा गया।
इसके बाद पीड़ितों ने उक्त प्रॉपर्टी डीलरों से 6.84 एकड़ भूमि 34 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से खरीदने का सौदा तय किया। आरोप है कि रजिस्ट्री के दिन 50 लाख रुपये लेकर पहुंचने के बावजूद विक्रेताओं ने रजिस्ट्री नहीं की और बाद में लगातार टालमटोल करते रहे।
परविन्दर सिंह के अनुसार, जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो रिश्तेदार सुखवंत सिंह पन्नू को मामला सुलझाने को कहा गया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने भी विपक्षियों से मिलीभगत कर बाजपुर रोड स्थित विमल कुमार के प्लॉट का 4 करोड़ 5 लाख रुपये में सौदा करा दिया। इस दौरान पीड़ितों ने आरोपितों के खातों में 1 करोड़ 2 लाख रुपये तथा 2 करोड़ 80 लाख रुपये नकद दिए, कुल 3 करोड़ 82 लाख रुपये हड़प लिए गए।
आरोप है कि बार-बार मांग के बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री की गई और न ही रकम वापस की गई। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर सुखवंत सिंह ने 10 जनवरी 2026 की रात हल्द्वानी के देवभूमि होटल के एक कमरे में कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
मृतक के भाई ने अमरजीत सिंह, दिव्या, रविंद्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, उसकी पत्नी, गिरवर सिंह, महीपाल सिंह, शिवेंद्र सिंह, विमल व उसकी पत्नी, देवेंद्र, राजेंद्र, गुरप्रीत सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवंत सिंह बक्सौरा, बिजेंद्र, पूजा और जहीर (गड्ढा कॉलोनी) सहित कई लोगों को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें


