मुंबई: सुरों की मल्लिका आशा भोसले (Asha Bhosle) का निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस, सोमवार को शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार; मल्टीपल ऑर्गन फेलियर बनी मौत की वजह
मुंबई। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) का रविवार को निधन हो गया। वह बीते शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन ने भी उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद खबर की जानकारी दी।
सोमवार को होगा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 11 बजे उनके पार्थिव शरीर को उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां आमजन और प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से हुआ निधन
ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, आशा भोसले (Asha Bhosle) लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। शनिवार रात उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें ICU में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हुआ। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
7 दशक लंबा सुनहरा करियर, 12 हजार से अधिक गीत
आशा भोसले (Asha Bhosle) ने अपने सात दशकों से भी अधिक लंबे करियर में 12,000 से ज्यादा गीत गाए। उन्होंने हिंदी समेत 20 से अधिक भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। महज 9 साल की उम्र में उन्होंने गायन की शुरुआत की थी और जीवनभर संगीत को समर्पित रहीं।
वह महान गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की छोटी बहन थीं। पिता दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद उन्होंने बहन के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली और संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
अवॉर्ड्स और उपलब्धियों से सजा शानदार सफर
अपने लंबे और सफल करियर में आशा भोसले (Asha Bhosle) को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर अवॉर्ड सहित कई सम्मान मिले। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।
हर शैली में छोड़ी अमिट छाप
आशा भोसले (Asha Bhosle) अपनी बहुमुखी गायकी के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने शास्त्रीय संगीत, गजल, पॉप, कैबरे और फिल्मी गीतों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज में हर भाव सहजता से झलकता था, जो उन्हें अन्य गायिकाओं से अलग बनाता था।
सदाबहार गीतों के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी
आशा भोसले (Asha Bhosle) के गाए गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके लोकप्रिय गानों में ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘ये मेरा दिल यार का दीवाना’, ‘इन आंखों की मस्ती के’, ‘ओ हसीना जुल्फोंवाले’, ‘एक हसीना थी एक दीवाना था’, ‘कहीं आग लगे लग जावे’, ‘मिलने की तुम कोशिश करना’, ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’, ‘जाने जान ओ मेरी जाने जान’, ‘कह दूं तुम्हें’, ‘अभी ना जाओ छोड़ कर’, ‘धूप में निकला ना करो’, ‘दिल जालों का दिल जला के’, ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’, ‘बाबूजी धीरे चलना’, ‘रात अकेली है’, ‘ज़रा सा झूम लूं मैं’, ‘ओ मेरे सोना रे’, ‘सजना है मुझे सजना के लिए’ और ‘मुझे नौलखा मंगा दे रे’ जैसे कई सुपरहिट गीत शामिल हैं।
देशभर से श्रद्धांजलि, संगीत जगत में शोक
आशा भोसले (Asha Bhosle) के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। फिल्म और संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी है और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली यह महान आवाज अब खामोश हो गई, लेकिन उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे।
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