सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन पर खत्म होगा SC दर्जा
धर्म बदलते ही खत्म होगा SC का दर्जा, सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट फैसला
हिंदू, सिख और बौद्ध के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा लाभ
संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 का सख्ती से पालन जरूरी
आरक्षण और अन्य अधिकारों पर नहीं कर सकेंगे दावा
नई दिल्ली, 24 मार्च 2026: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अनुसूचित जाति (SC) के दर्जे को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाता है, उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जाएगा। धर्म परिवर्तन करते ही संबंधित व्यक्ति का SC दर्जा स्वतः समाप्त हो जाता है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह प्रावधान संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 में पहले से ही स्पष्ट रूप से निर्धारित है। न्यायालय के अनुसार, इस आदेश के क्लॉज 3 के तहत केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुयायियों को ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में रखा गया है। यदि कोई व्यक्ति इन धर्मों को छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह जन्म से भले ही SC वर्ग से क्यों न हो, उसका यह दर्जा तुरंत खत्म हो जाता है।
न्यायमूर्ति पी. के. मिश्रा और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद संबंधित व्यक्ति को SC वर्ग के तहत मिलने वाले किसी भी प्रकार के संवैधानिक अधिकार, आरक्षण, सुरक्षा या अन्य लाभों का दावा करने का अधिकार नहीं रहेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस नियम में किसी प्रकार का अपवाद लागू नहीं होता।
यह फैसला उस मामले में आया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व निर्णय को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जो व्यक्ति ईसाई धर्म अपनाकर उसका सक्रिय रूप से पालन करते हैं, वे अनुसूचित जाति का दर्जा बनाए नहीं रख सकते।
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